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Scaling of The Teeth

Scaling is a dental prophylaxis procedure . This is carried out by the Dental Hygienist. In this procedure mannual the or electronic and electric device is used to carry out the procedure is known as Ultra Sonic Scaler.  When a person goes to the dentist with the complaint of pain or hallitosis and any other dental problems. Perior to any procedure, the dentist refer the patient to the Dental Hygienist for scaling afterwards other treatment will be carried out.. In this process, Dental Hygienist will tell him the importance of the scaling. What is the good things in this procedure. This the only procedure in which no bad effects of the scaling. All the best will come in the result. Your teeth will shine and glitter after scaling. Foul smell will vanish from the mouth. Your gums become healthy which will provide eminence strength to the the teeth to be firm and untimely sacrifice the most important part of the body can last longer upto the last day of life. It increase the beauty of...
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अपेन्डिक्स पेट दर्द का इलाज। है है https://youtube.com/shorts/QvfGjTwCOis?si=bSJe-X7YwgPqJTLT

अपेन्डिक्स  एक पेट की बिमारी है, जिसमें पेट दाई तरफ के निचले हिस्से में असहनीय पीड़ा होती है हाथ लगाने से पता चल जाता है कि एक ऊंगली के आकार का उभरा भाग छुने पर , रोगी को बहुत दर्द करता है। इसके अनेक कारण हो सकते हैं। जिनमें अहम हमारी दिनचर्या का भी योगदान होता है। खाने पानी की आदतें,इसकी बहुत जिम्मेदार है। गरीष्ठ भोजन करना के कारण, कब्ज , आन्त में रुकावट, गर्भकाल इत्यादि। सबसे पहले कब्ज का इलाज करना चाहिए। , खाने में पानी वाली सब्जी व दालें अधिक इस्तेमाल करें। बासी व शाम का भोजन करें। चावल व हर-हर की दाल का इस्तेमाल बन्द कर दें। पानी की कभी शरीर में न होने दें। नींबू के पानी का प्रयोग करें। यदि अपेन्डिक्स बिमारी का उग्र रूप धारण कर चुकी हैं तब हमें एक योग्य चिकित्सक से परामर्श कर दवा दारू करवायें। मैं यहां आपको एक कारगर होमियोपैथी दवा का उपयोग करने की सलाह दे रहा हूं। यदि लक्षण ऊपर बताए गए अनुसार है तो निम्नलिखित दवा का बताये गये तरीके के अनुरूप सेवन करें। R/  Iris tenax 30 tr.  दिन में तीन बार दो बूंद दवा, एक कप पानी में मिलाकर सेवन करें। भोजन से पहले या बाद में आधा घंट...

अस्थमा का सफल इलाज

https://link.amazon/B03qu2xpL   अस्थमा एक तकलीफ कारक व्याधि है इसमें सारा दिन मनुष्य को सांस लेने में दिक्कत होती रहती है। उसको झुक कर सांस लेना पड़ता है। किसी भी खाने पीने की वस्तु से निगलने में दिक्कत होती है। सारा दिन खांसी व बलगम से परेशान रहता है। खाने पीने की वस्तुएं निरस्त लगती है। इस समस्या का इलाज करने के लिए आपको होमियोपैथी के चिकित्सक की सेवा में जाकर इसे हमेशा के लिए छुटकारा मिला सकते हैं। इस पैथी की दवा बिमारियों को जड़ से खत्म कर देती हैं।  इसके लिए मैं एक दवा बता रहा हूं। जिसको आप किसी होमियोपैथी की दुकान से प्राप्त कर सकते हो।  यदि हमसे मंगवाना चाहते हैं तो लिख सकते हैं। मोबाइल पर इस संदर्भ में संदेश भेज सकते हो। दवा आपके पते पर भेज दी जाएगी। सलाह लेना है निम्न पते पर मिल सकते हो। पता है ३४४६ HBC, Sector 1,4 Hisar Haryana Bharat . https://link.amazon/B03tPjaI1

कमर का दर्द

 यदि आप कमर के दर्द से परेशान हैं तो होमियोपैथी की दवा अकोनाइट नैप ३० की एक बूंद, एक कप पानी में डालकर ले।दिन में तीन बार ले। तथा तीन दिन तक ले। दर्द खत्म होने पर दवा लेना बंद कर दें। https://link.amazon/B0fRyOWGf

सुबह उठिए व स्वस्थ रहिए।

 आजकल भाग-दौड़ की जिन्दगी में अपने आप को मनुष्य भुल गया है कि वह भी मनुष्य है वह एक मशीन से ज्यादा काम करता है। मशीन की जिंदगी तो बहुत आराम दायक है उसकी देखभाल करने वालों की संख्या बहुत है एक को ढूंढोगे के तो हजार मिलेंगे। बहुत आराम करती है मशीन। जब तक आप उसको काम करने को नहीं कहोगे तो वह कार्य नहीं करेगी। मशीन को काम का आदेश देने के लिए, हमें कम से कम 2 घंटे पहले उठना पड़ता है और एक घंटे बाद तक काम अधिक करना पड़ता है। है न मशीन की मौज। मशीन की गारंटी व वारंटी भी मिलती है। मशीन के डाक्टर जब तक नहीं पहुंच जाये तब तक वह आराम फरमाती है।  मशीन की तुलना में मनुष्य की न तो गारंटी है ना ही वारंटी है। मशीन की तकलीफ़ तक मनुष्य की हालत बिगाड़ देती है। मशीन के डाक्टर यानि मकैनिक का चलकर आना पड़ता है जबकि मनुष्य को डाक्टर के पास चलकर जाना पड़ता है। मशीन को नम्बर नहीं लगाना पड़ता है। मनुष्य को कयी बार लाइन में खड़े रहने के बाद तकलीफ समेत वापस आना पड़ता है। मशीन अधिकतर मामलों में एक बार में स्वस्थ हो जाती है जबकि मनुष्य को बहुत बार डाक्टर के चक्कर लगाने पड़ते हैं मनुष्य की इस तरीके से तकलीफ...