https://link.amazon/B0esBFH66 आजकल औरतों की एक आम बन चुकी समस्या, जो एक उग्र रोग का रुप धारण कर चुकी है। समस्या आरंभ काल में नगण्य थी। कालांतर में एक विशेष व्याधि बन गई। जिसके इतिहास में महाभयंकर परिणाम भोगने पड़ते, मनुष्य जाति को। यदि इतिहास में जा कर देखा जाये तो बहुत ही रोचक व अज्ञानता, वैमनस्य, कामना और प्रताड़ना का प्रतिरूप इस बिमारी के उपहार स्वरूप मानवता के कर्म उनकी झोली में वेदनाओं की गाथा लिख रहे हैं। यदि शारीरिक कमजोरी को छोड़कर देखा जाए तो इसका महत्त्वपूर्ण कारण ज्योतिष में छिपा बैठा है। साफ़ साफ़ शब्दों में उल्लेख किया जाये तो बच्चों की कुण्डली दोष मिलान , एक विशेष जिम्मेदार पहलू हैं। यदि कुंडली मिलान गलत कर दिया। दोनों की योनि एक नहीं हुई तो यह व्याधि यहां भयंकर परिणाम भोगने पर मजबूर कर देती है। दूसरा दोष गण दोष , यदि ये दो दोष विवाहित जोड़े में हैं तो यह बिमारी शत-प्रतिशत औरत व पुरुष को मिलेगी। पुरुष की बिमारी का नाम अलग है कारण रुप एक से है। काम जनित असन्तोषजनक व्यवहार कुंडलियों का सही मिलान न होना। जिसमें दोनों का हर प्रकार मनमुटाव गलत योनि मिलान है। मैं एक ...
दांत और मसूड़े खराब होने की सबसे बड़ी वजह मुंह की सही सफाई न होना और गलत खान-पान है। जब खाने के बारीक कण दांतों में फंसे रह जाते हैं, तो बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जो इनेमल और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके मुख्य कारणों को दो भागों में समझा जा सकता है:-- 1. दांत खराब (सड़ने या टूटने) के कारण बैक्टीरिया और एसिड (Plaque & Acid) मीठा, स्टार्च (जैसे चिप्स, ब्रेड) या चिपचिपा खाना खाने के बाद जब सफाई नहीं होती, तो बैक्टीरिया एसिड बनाते हैं। यह एसिड दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) को गलाकर कैविटी (कीड़ा) बना देता है। जरूरत से ज्यादा मीठा और चिपचिपा खाना:-- काफी, चाय, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट या प्रोसेस्ड फूड दांतों पर चिपके रहते हैं, जिससे सड़न तेजी से फैलती है। कड़क चीजें चबाना या दांत घिसना: --- बर्फ, सुपारी, अखरोट के छिलके दांतों से तोड़ना या रात में तनाव में दांत पीसने (Bruxism) से दांत चटक या टूट जाते हैं। फ्लोराइड की कमी:--- ...