औरतों के मानवीय शरीर में एक समस्या गंभीर रूप से उत्पन्न हो जाती है, वह समस्या इतनी गंभीर है कुछ वह महीने में पांच दिन पुरी तरह परेशान रहती है। वह समस्या है मासिक धर्म आना, इन पांच दिन नारी की योनि से रक्त स्राव होता रहता है।यह कोई शारीरिक कमजोरी या बिमारी नहीं है, बल्कि पांडु पुत्र युधिष्ठिर द्वारा अपनी माता कुंती को दिये श्राप के कारण है। युद्ध भूमि के बीच में जब कुंती ने युधिष्ठिर को यह राज बताया कि कर्ण भी कुंती पुत्र हैं तो युधिष्ठिर ने सम्पूर्ण नारी जाति को श्राप दे दिया। वह माह में पांच दिन रक्त रंजित रहेगी। कारण कुंती ने कर्ण का भेद छुपा लिया था। जिसकी वजह से वे महाभारत की युद्ध भूमि में लहूलुहान हो रहे थे। उसी श्राप की बदौलत मासिक धर्म हर नारी को पांचों पाण्डव की संख्या के आधार पर पांच दिन आता है। और एक ग़लत अवधारणा बना ली गई कि यदि मासिक धर्म नहीं आता है तो स्त्री गर्भवती नहीं हो सकती है। यह सरासर ग़लत धारणा है। यह केवल पांडवों के चरित्रहीनता पूर्ण अवशेष शरीर में न रहे, रक्त स्राव होता है। यदि किसी स्त्री को मासिक धर्म नहीं होता है तो वह एक सात्विक, पवित...
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