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क्या आप मंहगे टैस्ट की फीस नहीं दे सकते हैं तो

 यदि आप बिमारी की हालत में मंहगे लैब टैस्ट का खर्च देने में असमर्थ हैं तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए आपकी मदद, कम खर्च में स्टिक इलाज करने की चिकित्सा विज्ञान की होमियोपैथी पद्धति आपकी दिन रात सेवा में हाजिर है। आपकी हर बात को पूरी तन्मयता से सुना परखा जाएगा। जब आप पूर्ण रूप से अपनी व्यथा सुना लोगे व डाक्टर द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब आधार पर आपकी दवा चुन आपके रोग के लक्षणों से मैच कर , आपको दवा दे दी जाएगी। दो खुराक में आपको बिमारी भागती नजर आयेंगी। न महंगी दवा है न इलाज महंगा। केवल विश्वास महंगा है। यदि आप ने एक बार होमियोपैथी अपना ली । रोग आपके पास नजर नहीं आयेंगे। यह नोकडाऊन एक्सन करती है आपको सबसे बड़ी शांति यह होती है हर बात पर गौर कर , इलाज किया जाता है।आपको अधिकतर बिमारियों में तीन से सात दिन में ठीक हो जाती है। होमियोपैथी अपनाएं, स्वस्थ रहिए। आप जागरूक होइये और दूसरों को जागरूक करें।
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हरियाणा में लाल डोरा किसे कहते हैं ? Posted bysoorajbhanlohchab20th सितम्बर 2026Posted inUncategorizedEditहरियाणा में लाल डोरा किसे कहते हैं ? हरियाणा में लाल डोरा किसे कहते का सही उत्तर बताऔ इसका उद्देश्य क्या ? अपना उत्तर निम्न पते पर लिखो :- sblohchab.19@gmail.com

योगासन व प्राणायाम करते समय क्या -क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

https://link.amazon/B0accNEgj योगासन व प्राणायाम करते समय क्या -क्या सावधानी बरतनी  सबसे पहली सावधानी नं योग व प्राणायाम केवल सुबह के समय ही किया जा सकता है। शरीर पूर्ण रूप से दैनिक क्रिया क्रम से निवृत्त हो लेना चाहिए। स्नान उपरांत पंच तत्वों को जल अर्पण करना अनिवार्य है। एक स्वच्छ आसन जो शारीरिक ऊर्जा का विस्थापन निरोधक होना चाहिए। मुख केवल पूर्व दिशा में रख कर पांच मिनट सूर्य नमस्कार मुद्रा में शारीरिक एक बार ऊर्जा संयमित अपने शरीर में करनी चाहिए। फिर पद्मासन या सुखासन में पूर्व दिशा में मुंह करके बैठ जाएं। आपकी मेरूदंड बिल्कुल सीधी रखें। शरीर का भार नितम्बों पर रहे। यह चैक करें की आपके दोनों स्वर चल रहें। आपकी गर्दन सीधी रखें आपकी दृष्टि भूमि के समानांतर रहे। आंखों को धीरे-धीरे बंद करे, बाकि शरीर स्थिर रख कर अन्तर मन चेतन करें। ताकि आपका ध्यान पूरे समय भटक न जाए। जब सांसों , दृष्टि व अन्तर मन में सामंजस्य स्थापित हो जाये तो धीरे-धीरे आंखें खोले। यदि सामंजस्य स्थापित नही हो तो उस दिन प्राणायाम व योग न करें। सबसे पहले कुम्भक करें। फिर रेचक और पूरक के क्रम में प्राणायाम करें। इसको...