हरियाणा हो या पंजाब या देश या सारे संसार के लोगों को पूर्ण रूप से सचेत व सजग रहने की जरूरत है । कुछ प्रतिशत लोग देश व दुनिया में महा भंयकर रोग फैला कर , लोगों को शारीरिक , मानसिक ,वाचिक व आर्थिक रूप कमजोर कर उन पर राज करने की कोशिश कर रहे हैं।
ये लोग लड़की व लड़का दोनों ही आजकल सरे आम औरत खौर बना आप के शरीर रुपए लूटते हैं। इसमें बाबे, भिखारी व यहां तक कि कुछ विधायकों व संसद सदस्य भी शामिल हैं । बिहार के लोग इनके सबसे ज्यादा शिकार हुए हैं। रुपए के लालच में शारीरिक शौषण करते हैं य करवाते हैं।
विधायक व संसद सदस्य उनके राशनकार्ड व कहीं पर जमीन कब्जा करवा कर पहले इन्हें बसा लेते हैं फिर उनका शारीरिक शौषण करते हैं व धन्धे के रूप योनश्रमिक बना देते हैं। इनको व यौन शौषण की पैदावार को हर रोज हर जगह भीख मांगते देखते हो।
बाद में ये लोग हत्या, लूटपाट, आगजनी व दंगे फसाद जैसे जघन्य अपराध करते हैं या करवाते हैं। अपना उल्लू सीधा करने के लिए युद्ध भूमि तक तैयार करते रहते हैं। भारत जैसे देश में यह युगों से देखा जा सकता है। यहां के नेताओं को पता है कि बेरोजगार बहुत है लड़ाई में कुछ हजार मर भी गए तो जनसंख्या बहुत है। वे बेरोजगारी का धंधा तक करते हैं।
कृत्रिम बेरोजगारी व वस्तुओं का कृत्रिम अभाव पैदा कर लोगों से लूटपाट करवाना उनका खानदानी पेशा बना रखा है अतः ऐसे लोगों व फोन कालों से सावधान रहें। अपने खेत, खून पसीने की कमाई व शरीर को चरित्र हीन लोगों से बचा कर , एक सुदृढ़ चरित्र वान देश के निर्माण में एक जुट होकर ,देश से बुरी ताकतों का पूर्ण रूप से सफाया करे व उसमें पूरा सहयोग दे।
चुनाव घोषणा हो ते ही चाहे अगले दिन बिना देश का एक पैसा खर्च किए चुनाव कराए जा सकते हैं बिना किसी दुःख व दुविधा के। जैसे ही पार्टी अपने उम्मीदवारों का चयन कर लें तभी चुनाव घोषित किए जाने चाहिए। केवल जितनी पार्टी है उतने ही मास्टर कम्प्यूटर चाहिए,हर एक पार्टी को चुनाव आयोग के साथ में ताकि चुनाव आयोग गड़बड़ी न कर सके। मोबाइल फोन से वोटर को आधार कार्ड से के नं से वोटिंग करवा लें। केवल एक दिन ही सबको शिक्षित किया जा सकता है इस बारे में। सारी पार्टीयों को अपने दफ्तर के कम्प्यूटर पर उसी दिन बिना गिनती किये पता चल जाएगा कि कितने वोट किस पार्टी को मिले हैं। चुनाव आयोग का कार्य केवल उन सभी के कम्प्यूटर के डाटा को इकट्ठा करना पड़ेगा यह बताने को कि कितने प्रतिशत मतदान हुआ है। बाकी काम पार्टी के कम्प्यूटर कर लेंगे। फूटी कोड़ी तक सरकार की नहीं होगी। चाहे तो कार्य काल समाप्त होने से पहले ही चुनाव सम्पन्न बिना किसी सुरक्षा बल के किया जा सकता है। किसी अधिकारी व कर्मचारी को कोटा पैसा तक सरकार को नहीं देना पड़ेगा टी ए, डी ए के रूप में। बस बेइमानों को दुःख होगा कि वे धांधली व बेईमानी न कर सके। ...
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