भैणी का इतना करने का अर्थ कुछ छोटा नहीं है जब हकिकत सामने आयेगी या धरी जायेगी तो जान कर ताजुब होगा।
भैणी का संधी विच्छेद करने पर भै व अणी शब्द मिलते हैं।भै का अर्थ डर व अणी का अर्थ अन्न होता है इसमें दो प्रकार के अन्न होते हैं एक मादा अन्न जैसे गैहू़ और दूसरा नर जैसे कि चोअ्ल यानि कि चावल।
इस का सीधी साधी भाषा में अर्थ है कि एक पत्नी अपने पति से कहती है जो उससे आयु में बड़ा है । उसको अंगुली के पेरवे के समान छोटा जन्म दे कर न्यू न कर दूं तो।
तब वह उसको लड़की पैदा कर छोटा कर देती है। फिर उसका पति कहता है मैं तेरे को बिना पैदा किए ही छोटी न कर दूं तो। उस की पत्नी तैस मैं आकर कहती हैं करके दिखा।
उसने कहा चल मर , बोली या तो मैं मर गई। छोटी कैसे हुई। वह बोला तू में रे से उमर में बड़ी थी अब मर तू छोटी हो गई तेरी उम्र रही नहीं तो मैं जिन्दा रह कर बड़ा न गया। तु इतनी सी हो गई। फिर बोला तू मेरे समान इतना सा छोरा हो गई।
क्या आप बता सकते हो कि वह छोरा कहां हो गई।
आजकल भाग-दौड़ की जिन्दगी में अपने आप को मनुष्य भुल गया है कि वह भी मनुष्य है वह एक मशीन से ज्यादा काम करता है। मशीन की जिंदगी तो बहुत आराम दायक है उसकी देखभाल करने वालों की संख्या बहुत है एक को ढूंढोगे के तो हजार मिलेंगे। बहुत आराम करती है मशीन। जब तक आप उसको काम करने को नहीं कहोगे तो वह कार्य नहीं करेगी। मशीन को काम का आदेश देने के लिए, हमें कम से कम 2 घंटे पहले उठना पड़ता है और एक घंटे बाद तक काम अधिक करना पड़ता है। है न मशीन की मौज। मशीन की गारंटी व वारंटी भी मिलती है। मशीन के डाक्टर जब तक नहीं पहुंच जाये तब तक वह आराम फरमाती है। मशीन की तुलना में मनुष्य की न तो गारंटी है ना ही वारंटी है। मशीन की तकलीफ़ तक मनुष्य की हालत बिगाड़ देती है। मशीन के डाक्टर यानि मकैनिक का चलकर आना पड़ता है जबकि मनुष्य को डाक्टर के पास चलकर जाना पड़ता है। मशीन को नम्बर नहीं लगाना पड़ता है। मनुष्य को कयी बार लाइन में खड़े रहने के बाद तकलीफ समेत वापस आना पड़ता है। मशीन अधिकतर मामलों में एक बार में स्वस्थ हो जाती है जबकि मनुष्य को बहुत बार डाक्टर के चक्कर लगाने पड़ते हैं मनुष्य की इस तरीके से तकलीफ...
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