क्या आप जानते हो अग्रोहा यानि उसका पुराना नाम मिया आली था का अग्रोहा विकास ट्रस्ट से को ले ना देना नहीं है।यह सब लोगों को बेवकूफ बना कर रूपये ऐंठने के सिवाय और कोई मतलब नहीं है। नहीं मिया आली से महाभारत व रामायण से कोई सरोकार नहीं है और न था।
यह जगह दक्षिण भारत में स्थित थी इस के कारण लोगों परेशानी के सिवाय कुछ नहीं मिलता है। लोगों को झूठ बोल कर धड़ल्ले लूटा जा रहा है। चाहे मन्दिर हो या हस्पताल। लोगों को झूठ बोल कर मुफ्त में इलाज करने के नाम खूब लूटा जा रहा है।
दिशा निर्देश के खिलाफ सब कुछ बोर्ड पर लिखा पड़ा है। बीमा राशि लेने पर भी दवाईयां रूपये लेकर दी जा रही है। यह सब खेल बनिए लोगों का षड्यंत्र है। हजारों रूपए के टेस्ट बेमतलब में लिख दिए जाते हैं। अनुसंधान हस्पताल होते हुए भी लोगों को प्राइवेट क्लीनिक व हस्पतालों में टेस्ट के लिए भेजा जाता है। वहां उनके सगे संबंधियों को बेवजह फायदा पहुंचाने को।
सरकार को अग्रोहा के हस्पताल व मन्दिर बैन कर देना चाहिए ताकि लोग अपनी पैतृक जन्म स्थली पर चले जाये। उनके शारीरिक व मानसिक कष्टों का निवारण वे स्वयं कर सके। यदि इसी प्रकार मन्दिर व हस्पताल बनते रहे तो वह दिन दूर नहीं किसी को पांव रखने को जगह नहीं रहेगी।
आजकल भाग-दौड़ की जिन्दगी में अपने आप को मनुष्य भुल गया है कि वह भी मनुष्य है वह एक मशीन से ज्यादा काम करता है। मशीन की जिंदगी तो बहुत आराम दायक है उसकी देखभाल करने वालों की संख्या बहुत है एक को ढूंढोगे के तो हजार मिलेंगे। बहुत आराम करती है मशीन। जब तक आप उसको काम करने को नहीं कहोगे तो वह कार्य नहीं करेगी। मशीन को काम का आदेश देने के लिए, हमें कम से कम 2 घंटे पहले उठना पड़ता है और एक घंटे बाद तक काम अधिक करना पड़ता है। है न मशीन की मौज। मशीन की गारंटी व वारंटी भी मिलती है। मशीन के डाक्टर जब तक नहीं पहुंच जाये तब तक वह आराम फरमाती है। मशीन की तुलना में मनुष्य की न तो गारंटी है ना ही वारंटी है। मशीन की तकलीफ़ तक मनुष्य की हालत बिगाड़ देती है। मशीन के डाक्टर यानि मकैनिक का चलकर आना पड़ता है जबकि मनुष्य को डाक्टर के पास चलकर जाना पड़ता है। मशीन को नम्बर नहीं लगाना पड़ता है। मनुष्य को कयी बार लाइन में खड़े रहने के बाद तकलीफ समेत वापस आना पड़ता है। मशीन अधिकतर मामलों में एक बार में स्वस्थ हो जाती है जबकि मनुष्य को बहुत बार डाक्टर के चक्कर लगाने पड़ते हैं मनुष्य की इस तरीके से तकलीफ...
Comments
Post a Comment