दांत और मसूड़े खराब होने की सबसे बड़ी वजह मुंह की सही सफाई न होना और गलत खान-पान है। जब खाने के बारीक कण दांतों में फंसे रह जाते हैं, तो बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जो इनेमल और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।
इसके मुख्य कारणों को दो भागों में समझा जा सकता है:--
1. दांत खराब (सड़ने या टूटने) के कारण
बैक्टीरिया और एसिड (Plaque & Acid) मीठा, स्टार्च (जैसे चिप्स, ब्रेड) या चिपचिपा खाना खाने के बाद जब सफाई नहीं होती, तो बैक्टीरिया एसिड बनाते हैं। यह एसिड दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) को गलाकर कैविटी (कीड़ा) बना देता है।
जरूरत से ज्यादा मीठा और चिपचिपा खाना:-- काफी, चाय, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट या प्रोसेस्ड फूड दांतों पर चिपके रहते हैं, जिससे सड़न तेजी से फैलती है।
कड़क चीजें चबाना या दांत घिसना: --- बर्फ, सुपारी, अखरोट के छिलके दांतों से तोड़ना या रात में तनाव में दांत पीसने (Bruxism) से दांत चटक या टूट जाते हैं।
फ्लोराइड की कमी:--- फ्लोराइड दांतों के इनेमल को मजबूत बनाता है। इसकी कमी से दांत जल्दी कमजोर होते हैं।
2. मसूड़े खराब (सूजन या पायरिया) होने के कारण
टार्टर (Tartar) जमना:--- जब दांतों पर जमा हुआ प्लाक (Plaque) लंबे समय तक साफ नहीं होता, तो वह सख्त होकर 'टार्टर' बन जाता है। यह मसूड़ों में इन्फेक्शन और मसूड़ों से खून आने (Gingivitis) की वजह बनता है।
पायरिया (Periodontitis):---
अगर मसूड़ों की सूजन का इलाज न कराया जाए, तो इंफेक्शन मसूड़ों के नीचे की हड्डी (Jaw Bone) तक पहुंच जाता है। इससे मसूड़े पीछे हटने लगते हैं और दांत ढीले होकर गिरने लगते हैं।
विटामिन C और D की कमी:--- शरीर में पोषक तत्वों और मुख्य रूप से विटामिन C की कमी से मसूड़ों से खून आने लगता है और मसूड़े कमजोर हो जाते हैं।
तंबाकू और सिगरेट (Smoking):--- धूम्रपान या खैनी/गुटखा खाने से मुंह में ब्लड सर्कुलेशन खराब होता है, जिससे मसूड़ों की बीमारियों का खतरा 3-4 गुना बढ़ जाता है।
डायबिटीज (Diabetes):--- हाई ब्लड शुगर से शरीर की इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे मसूड़ों की बीमारियां तेजी से फैलती हैं।
बचाव के आसान उपाय
दिन में 2 बार (सुबह और रात सोने से पहले) ब्रश करें।
कुछ भी मीठा या चिपचिपा खाने के बाद कुल्ला (Rinse) जरूर करें।
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